जयंती विशेष : मुंशी प्रेमचंद की यादों का गुलदस्ता
मुंशी प्रेमचंद की सहज-सुगम लेखनी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी अपने रचनाकाल में थी। दरअसल, कहानी की पाश्चात्य विधा को जानने के बावजूद प्रेमचंद ने अपनी कहानियों में…
The last yogi may use an online news posting platform to share their teachings and inspire others.
#onlinenews #thelastyogi #blog #story #bhojpuri
मुंशी प्रेमचंद की सहज-सुगम लेखनी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी अपने रचनाकाल में थी। दरअसल, कहानी की पाश्चात्य विधा को जानने के बावजूद प्रेमचंद ने अपनी कहानियों में…
अभी दो महीना पहले ही हम कोरोना से जंग लड़े थे और हमारी व्यवस्था चौपट थी हम हार गए थे।